Bareilly: 56 दंगाइयों को जेल, मौलाना तौकीर रजा की दुकानें बुलडोजर से ध्वस्त
Bareilly: शरारती दंगाइयों पर प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, 56 गिरफ्तार, मौलाना तौकीर रजा की दुकानें बुलडोजर से ध्वस्त
बरेली। शुक्रवार की नमाज के बाद शहर की गलियों और मोहल्लों में भड़की हिंसा ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। “आई लव मोहम्मद” के नारे को लेकर शुरू हुआ विवाद इस हद तक बढ़ गया कि प्रशासन को सख्ती दिखाना अनिवार्य हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि मौलाना तौकीर रजा भूल गए हैं कि किसका शासन है, उन्होंने सोचा कि दंगा कराकर सब कुछ रोक देंगे, लेकिन प्रशासन ने यह तय कर लिया है कि न तो शहर में कर्फ्यू लगेगा और न ही हिंसा बर्दाश्त की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौलाना को यह सबक मिलेगा, और आने वाली पीढ़ी इसे याद रखेगी।
प्रशासन ने इस दिशा में तेज़ कार्रवाई करते हुए मौलाना तौकीर रजा की दुकानों पर बुलडोजर से कार्रवाई कराई और अब तक 56 शरारती तत्वों को जेल भेजा जा चुका है। इस कदम से यह संदेश गया कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
सांसद रुचि वीरा की आपत्ति: बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल
मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा ने बरेली दंगे के आरोपी मौलाना तौकीर रजा की दुकानों पर की गई बुलडोजर कार्रवाई पर अपनी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई पर गहन जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अनुचित या बढ़ती कार्रवाई से विवाद और तनाव न बढ़े।
हिंसा और पुलिस के संघर्ष की विस्तृत जानकारी
बुधवार की नमाज के बाद मौलाना तौकीर रजा ने प्रशासन को ज्ञापन देने का ऐलान किया था। सुरक्षा कारणों से धारा 163 बीएनएस लागू कर उन्हें नजरबंद कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद उनके समर्थकों ने प्रशासन की चेतावनी को नकारते हुए इस्लामिया इंटर कॉलेज ग्राउंड और नो मेहला मस्जिद में इकट्ठा होने की जिद की।
भीड़ और पुलिस के बीच हुए टकराव में हालात काबू से बाहर हो गए। पथराव और धक्का-मुक्की के दौरान 22 पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पहले चरण में मौलाना तौकीर रजा सहित 12 लोगों को जेल भेजा गया। इसके बाद रविवार को 15 और आरोपी, सोमवार तक कुल 29 और फिर धीरे-धीरे कुल 56 दंगाइयों को जेल भेजा गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से हथियार, जिंदा कारतूस और सरकारी हैंडसेट बरामद किए। साथ ही, कई स्थानों पर मौलाना और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त मुकदमे दर्ज किए गए।
थाना कोतवाली और थाना बारादरी पुलिस ने घटनास्थल से प्राप्त सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के बयान के आधार पर अलग-अलग गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए। आरोपियों पर यह आरोप है कि उन्होंने पुलिस पर फायरिंग की, पथराव किया, ईंट-पत्थर और एसिड की बोतलों से हमला किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
Bareilly: प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा। मौलाना तौकीर रजा और उनके समर्थकों ने प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज किया, लेकिन अब कानून और व्यवस्था के नियम हर हाल में लागू होंगे। शहर में शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुलडोजर कार्रवाई, दुकानों की ध्वस्त स्थिति और 56 गिरफ्तारियां यह संदेश देती हैं कि भविष्य में कोई भी धार्मिक या अन्य कारणों से हिंसा फैलाने की कोशिश करे तो उसे कड़ा सबक मिलेगा।
शहरवासियों ने भी प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई को राहत की सांस के रूप में देखा, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि आने वाले दिनों में शहर में सुरक्षा और शांति कायम रहेगी।
CM Yogi: ऐसा सबक सिखाएंगे कि आने वाली सात पीढ़ियाँ याद रखेंगी, मौलाना तौकीर रज़ा को जेल