Anil Ambani ₹17K Cr Scam: 17 हज़ार करोड़ के घोटाले में अनिल अंबानी ED के सामने पेश
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17 हज़ार करोड़ के घोटाले में अनिल अंबानी ED के सामने पेश, एक साम्राज्य के ढहने की कहानी
नई दिल्ली, 5 अगस्त 2025 — एक दौर था जब उन्हें “फ्यूचर ऑफ इंडियन बिज़नेस” कहा जाता था। देश के सबसे ताकतवर उद्योगपतियों में शुमार अनिल अंबानी आज 17,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में Enforcement Directorate (ED) के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए। यह वही अनिल अंबानी हैं जिनके पास कभी टेलीकॉम से लेकर पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर तक का विशाल कारोबारी साम्राज्य था — लेकिन आज वे कानून के शिकंजे में हैं।
Anil Ambani ₹17K Cr Scam: क्या है मामला?
ED ने अनिल अंबानी को कथित रूप से बैंकों से लिए गए ₹17,000 करोड़ के कर्ज में गड़बड़ी और पैसों की हेराफेरी (money laundering) के आरोप में पूछताछ के लिए तलब किया था। यह पूछताछ आज सुबह करीब 11 बजे दिल्ली स्थित ED मुख्यालय में शुरू हुई। आरोप है कि उनके नेतृत्व वाले Reliance ADA Group ने यह पैसा shell कंपनियों और ग़ैरकानूनी लेन-देन के ज़रिए डायवर्ट किया।
इससे पहले, ED ने समूह से जुड़ी कई कंपनियों और अधिकारियों के परिसरों पर छापेमारी भी की थी। हाल ही में इस केस में ओडिशा की एक कंपनी के निदेशक को भी गिरफ्तार किया गया है।
Anil Ambani ₹17K Cr Scam: जब दो भाइयों का हुआ था बंटवारा
धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद 2005 में जब अनिल और मुकेश अंबानी के बीच संपत्ति का बंटवारा हुआ, तो कारोबार की दुनिया ने इसे दो दिग्गजों की स्पर्धा के रूप में देखा।
मुकेश अंबानी को मिला पेट्रोकेमिकल, रिटेल और एनर्जी का बिजनेस।
जबकि अनिल अंबानी को Reliance Communications, Power, Capital और Infra जैसे वर्टिकल्स मिले।
शुरुआती कुछ सालों तक अनिल ने तेजी से ग्रोथ दिखाई। RCom को भारत की सबसे बड़ी मोबाइल नेटवर्क कंपनियों में शामिल किया गया। Reliance Power का IPO 2008 में देश का सबसे बड़ा IPO बना। लेकिन जल्द ही तस्वीर बदलने लगी।
क्यों गिरा अनिल अंबानी का साम्राज्य?
गलत निवेश,
टेलीकॉम सेक्टर में भारी प्रतिस्पर्धा,
कर्ज पर आधारित विस्तार,
और मालिकाना स्तर पर रणनीतिक चूक ने ADA ग्रुप को गहरे संकट में डाल दिया।
2019 में जब मुकेश अंबानी ने Jio के ज़रिए टेलीकॉम इंडस्ट्री में तहलका मचाया, तब तक RCom दिवालिया होने की कगार पर थी। 2020 में, एक ब्रिटिश कोर्ट में अनिल अंबानी ने खुद को “दीवालिया” घोषित करते हुए कहा कि उनके पास अब कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं बची है।
Anil Ambani ₹17K Cr Scam: क्या आगे गिरफ्तारी की आशंका है?
ED की पूछताछ और छापों की गंभीरता को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
अनिल अंबानी का पासपोर्ट जब्त किया जा सकता है
समूह के अन्य निदेशकों से भी पूछताछ होगी
और इस मामले में CBI की भी एंट्री हो सकती है
अनिल अंबानी का ED के सामने पेश होना केवल एक व्यक्ति की जांच नहीं है — यह एक ऐसे कॉर्पोरेट पतन की गाथा है, जो कभी भारत के भविष्य के रूप में देखा गया था। जब एक भाई चोटी पर खड़ा है, दूसरा सिस्टम के सवालों के घेरे में है।
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