भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी – पीलीभीत जिले में अलर्ट जारी

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पीलीभीत में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी – ग्रामीण और शहरी क्षेत्र सतर्क रहें

पीलीभीत में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी – ग्रामीण और शहरी क्षेत्र सतर्क रहें

पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) 30 जून 2025

☔ भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है – सावधान हो जाइए!

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत ज़िले के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग लखनऊ ने एक अहम चेतावनी जारी की है। बताया गया है कि 30 जून से जनपद के कई क्षेत्रों में अधिक वर्षा (अतिवृष्टि) की आशंका है। यानी आसमान से पानी नहीं, आफत बरस सकती है। इसके साथ ही वज्रपात यानी बिजली गिरने की घटनाएं भी संभावित हैं।

ज़िले को इस वक्त “ऑरेंज ज़ोन” में डाला गया है, जिसका मतलब है – मौसम बेहद खतरनाक मोड़ पर है। इस समय सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
प्रशासन ने यह एडवाइजरी इसलिए जारी की है ताकि कोई जान-माल का नुक़सान ना हो और लोग सचेत रहें।

🌧️ मानसून पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय — अब कब तक होगी बारिश?

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर लिया है और इसका असर कई दिनों तक दिखेगा। अगले 3 से 5 दिनों तक रुक-रुक कर तेज़ से बहुत तेज़ बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है।

इसका सीधा असर खेतों, नदियों, तालाबों और कच्चे मकानों पर पड़ेगा।
किसान, मज़दूर, पशुपालक और छोटे बच्चे सबसे ज़्यादा जोखिम में हैं।
बिजली के उपकरण, मोबाइल टावर और खुली छतें — इन सबसे फिलहाल दूरी बना कर रखें।

🐄 गांव-देहात में क्या करें और क्या न करें? (ग्रामीण चेतावनी)

क्या करें:

  • पानी उबालकर या क्लोरीन की गोली मिलाकर ही पिएं।

  • बच्चों और पशुओं को तालाब, नहर या नदी के पास ना जाने दें।

  • स्नान या मछली पकड़ने के दौरान रस्सी साथ रखें और अकेले ना जाएं।

  • दामिनी ऐप और सचेत ऐप मोबाइल में डाउनलोड करें ताकि बिजली गिरने की सूचना समय रहते मिल सके।

क्या न करें:

  • किसी के उकसावे में आकर तेज़ बहते पानी में ना उतरें।

  • बारिश के वक्त पेड़ के नीचे, छत पर या मोबाइल टावर के पास ना खड़े हों।

  • बिजली से चलने वाले उपकरण जैसे टीवी, फ्रिज, पंखा, इनवर्टर आदि बंद कर दें।

  • नदियों में स्नान करते समय सेल्फी लेना या स्टंट करना जानलेवा हो सकता है।

🏙️ शहर वालों के लिए ख़ास अलर्ट (Urband Alert)

  • जिनके घरों में बेसमेंट है या नीची बस्ती में रहते हैं, वो पहले से पानी निकासी की व्यवस्था करें।

  • छतों की सफाई, नालियों की बंदगी और बिजली के तारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

  • काम पर निकलते समय छाता रखें, लेकिन लोहे की डंडी वाला नहीं।

  • कार या बाइक पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास ना पार्क करें।

  • जिनका दफ्तर घर से दूर है, वो मौसम के हिसाब से वर्क फ्रॉम होम की योजना बनाएँ।

⚡ वज्रपात यानी बिजली गिरने से कैसे बचें?

  • बिजली कड़कने पर तुरंत पक्की छत के नीचे चले जाएं।

  • यदि खुले मैदान में हैं, तो ज़मीन पर लेटें नहीं, बल्कि उकड़ू बैठ जाएं और कान बंद कर लें।

  • खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।

  • अगर आप गाड़ी में हैं तो वहीं रहें, लेकिन किसी धातु से संपर्क न करें।

ये भी वीडियो देखिये:-

 

🌊 बाढ़ और डूबने की स्थिति में बचाव कैसे करें?

  • गांव के बुज़ुर्ग और बच्चों की निगरानी बढ़ा दें।

  • उफनती नदियों, नालों, या जल निकायों से दूर ही रहें।

  • यदि कोई व्यक्ति डूब रहा है तो बचाव के लिए रस्सी, डंडा या कपड़ा इस्तेमाल करें — खुद न कूदें।

  • खेतों में बनी मेड़ या तटबंध कमजोर हों तो ग्राम प्रधान या लेखपाल को तुरंत सूचित करें।

📲 टेक्नोलॉजी का करें इस्तेमाल

प्रशासन ने सभी को सलाह दी है कि “दामिनी ऐप” और “सचेत ऐप” को मोबाइल में इंस्टॉल करें।
इन ऐप्स से बिजली गिरने की लोकेशन, दिशा और समय की जानकारी पहले ही मिल जाती है।

🚨 प्रशासन की मंशा क्या है?

यह एडवाइजरी किसी डर फैलाने के लिए नहीं, जन-जन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है।
पिछले वर्षों में वज्रपात और भारी बारिश से कई लोगों की मौतें हो चुकी हैं — इस बार प्रशासन किसी भी जान को खतरे में नहीं डालना चाहता।

यह खबर प्रशासन और जनता के बीच एक सेतु का काम करेगी।
आप जागरूक रहेंगे, तो आपकी सुरक्षा अपने हाथों में रहेगी।

बारिश प्रकृति का वरदान है, लेकिन लापरवाही इसे शाप बना सकती है।
सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
किसी के इंतज़ार में मत रहिए — अपने और अपनों की हिफाज़त खुद कीजिए।

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