Hapur: 50 करोड़ की खातिर पिता की हत्या, पुलिस ने किया खौफनाक साजिश का पर्दाफ़ाश

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Hapur: 50 करोड़ की बीमा राशि हड़पने के लिए बेटे ने अपने पिता की हत्या की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जघन्य साजिश का पर्दाफाश किया। पूरी जांच जारी।

Hapur में 50 करोड़ की बीमा रकम के लिए पिता की हत्या,  बेटा और साथी गिरफ्तार, घिनौनी साजिश का पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यहाँ एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर 50 करोड़ रुपये की बीमा रकम हड़पने की घिनौनी साजिश रची। पुलिस ने मामले में बेटे और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

यह मामला साबित करता है कि लालच और पैसे की चाह कभी-कभी इंसानी रिश्तों को भी मौत के रास्ते पर धकेल देती है।

Hapur: बीमा क्लेम के लिए पिता की हत्या की जघन्य साजिश

हापुड़ जिले का निवासी विशाल सिंघल अपने पिता मुकेश सिंघल का 50 करोड़ रुपये का जीवन बीमा करवा चुका था। आरोप है कि क्लेम प्राप्त करने के लिए उसने 2024 में एक मामूली सड़क हादसे का जाल बुना।

विशाल ने अपने पिता को सड़क दुर्घटना में घायल दिखाकर हापुड़ के थाने में मामला दर्ज कराया और बाद में उन्हें मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान उसने हत्या की योजना रचकर अपने पिता की मौत सुनिश्चित की।

जांच में खुलासा हुआ कि यह केवल एक हादसा नहीं था, बल्कि पूर्व नियोजित हत्या और बीमा क्लेम के लिए साजिश थी।

Hapur: पुलिस जांच में खुलासा

पुलिस ने घटनास्थल और संबंधित मामलों की विवेचना की। प्रारंभिक जांच में अज्ञात वाहन का पता नहीं चल पाया, जिसके कारण पहले मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई।

हालांकि, अस्पताल में पिता की मृत्यु के बाद विशाल ने बीमा कंपनी से 50 करोड़ की रकम क्लेम करने की कोशिश की। बीमा कंपनी की जांच में सामने आया कि पिता और पुत्र की वास्तविक आय बेहद कम थी।

चौंकाने वाली बात यह थी कि पिता के नाम पर कुल 61 बीमा पॉलिसियाँ निकली थीं, जिनका सालाना प्रीमियम लगभग 30 लाख रुपये था। जबकि विशाल की मासिक आय केवल 25 हजार रुपये थी। इस गणना ने साफ कर दिया कि बीमा राशि के लिए योजना बद्ध हत्या की गई

Hapur: परिवार में हो चुकीं हैं और भी संदिग्ध मौतें

जांच में यह भी पता चला कि परिवार में पहले भी तीन संदिग्ध मौतें हुईं, जिनमें मोटिव बीमा राशि हासिल करना था।

विशाल की मां की 2017 में मौत हुई, जिसका बीमा क्लेम 25 लाख रुपये का मिला।

पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी 30 लाख रुपये का बीमा क्लेम लिया गया।

तीसरी पत्नी का बीमा कराने का प्रयास किया गया, लेकिन परिवार में कुछ सदस्यों ने बीमा के लिए अनापत्ति जताई।

इन घटनाओं की पड़ताल करने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि बीमा रकम ही परिवार में मौतों का मुख्य उद्देश्य था

पुलिस और बीमा कंपनी की कार्रवाई

पुलिस ने विशाल सिंघल और उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी देश विरोधी गतिविधियों और संपत्तियों में संलिप्त रहा है।

बीमा कंपनी ने भी मामले की पूरी पड़ताल की और खुलासा किया कि क्लेम के लिए बनाए गए 61 पॉलिसियों में असंगतियाँ और अत्यधिक प्रीमियम शामिल थे।

पुलिस और बीमा कंपनी की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह साबित किया कि कानून और सुरक्षा व्यवस्था संवेदनशील है और लालच के चलते किए गए जघन्य अपराध को बख्शा नहीं जाएगा।

सामाजिक चेतावनी

यह घटना साबित करती है कि पैसे का लालच किसी भी रिश्ते को मौत के रास्ते पर धकेल सकता है। परिवार के सदस्य भी लालची योजनाओं में शामिल हो सकते हैं।

इसके साथ ही यह भी संदेश जाता है कि बीमा कंपनियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सख्त निगरानी और जांच के बिना ऐसे अपराध आसानी से अंजाम तक पहुंच सकते हैं।

इस मामले ने स्पष्ट कर दिया कि लालच और पैसों की चाह इंसानी संवेदनाओं और रिश्तों को कितनी भयानक चोट पहुंचा सकती है।

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