मुस्तफाबाद बना “कबीर धाम” — CM Yogi ने किया ऐतिहासिक ऐलान

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CM Yogi आदित्यनाथ ने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर 'कबीर धाम' करने का ऐतिहासिक ऐलान किया, पढ़िए इसके पीछे की धार्मिक और सांस्कृतिक कहानी।

मुस्तफाबाद बना “कबीर धाम” — CM Yogi ने किया ऐतिहासिक ऐलान, कहा: “गुरु ही परमात्मा तक पहुँचने का मार्ग हैं”

खीरी की धरती पर इतिहास रचा गया — मुस्तफाबाद अब कहलाएगा ‘कबीर धाम’

लखीमपुर खीरी की पावन धरती रविवार को इतिहास की गवाह बनी, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि मुस्तफाबाद का नाम बदलकर “कबीर धाम” रखा जाएगा।
यह ऐलान उन्होंने गोला तहसील के अलीगंज क्षेत्र स्थित मुस्तफाबाद गांव में आयोजित संत असंग साहब जी महाराज के तीन दिवसीय सत्संग एवं क्षमा देव स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान किया।

सीएम योगी ने कहा —

“संत कबीरदास जी की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी दशकों पहले थी। उनकी शिक्षाओं को जीवन में उतारकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है।”

योगी आदित्यनाथ ने पढ़ा कबीर का दोहा — ‘गुरु गोविंद दोऊ खड़े…’

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक स्वर में कबीरदास का प्रसिद्ध दोहा पढ़ते हुए बोले —

“गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांव,
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताए।”

 

उन्होंने कहा कि गुरु ही परमात्मा तक पहुँचने का मार्ग हैं, और जो व्यक्ति अपने गुरु का सम्मान करता है, वही सच्चे ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ पाता है।

कबीरदास की वाणी में जीवन का सार — सीएम योगी का आध्यात्मिक संदेश

सीएम ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि आज की पीढ़ी को कबीरदास की वाणी से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि कबीर का जीवन समाज के उत्थान, समानता और धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक था।

“कबीरदास जी ने समाज में भेदभाव मिटाने का काम किया। उन्होंने ‘मजहब से ऊपर मानवता’ का संदेश दिया। मुस्तफाबाद की यह पवित्र भूमि अब सदैव उनकी स्मृति से जुड़ी रहेगी।”

कबीर धाम बनेगा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र

योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि “कबीर धाम” को राज्य सरकार द्वारा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां पर धर्म पर्यटन, कबीर साहित्य केंद्र, और संत दर्शन पथ जैसी योजनाएँ शुरू की जाएँगी, ताकि उत्तर प्रदेश की संत परंपरा को नई पहचान मिले।

“हमारी सरकार न केवल आध्यात्मिक धरोहरों की रक्षा कर रही है, बल्कि उन्हें जन-जन तक पहुँचाने का कार्य भी कर रही है,” — योगी आदित्यनाथ ने कहा।

जनसभा में उमड़ा, लोगों का सैलाब

सीएम योगी के पहुंचने से पहले ही कबीरधाम (मुस्तफाबाद) में भक्तों और श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा।
हर ओर से “संत कबीरदास जी अमर रहें” और “योगी जी जयकारा!” के नारे गूंज उठे।
सीएम ने मंच से श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और समाज में सद्भाव, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस मौके पर कई संत, साधु, और क्षेत्रीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
संत असंग साहब जी महाराज के अनुयायियों ने मुख्यमंत्री का पुष्प वर्षा से स्वागत किया।
स्थानीय प्रशासन ने पूरे आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्था में कोई कमी नहीं छोड़ी।

कबीरधाम का आध्यात्मिक महत्व — परंपरा और पहचान

मुस्तफाबाद (अब कबीर धाम) क्षेत्र लंबे समय से संत परंपरा और भक्ति आंदोलन का केंद्र रहा है।
यहां कई वर्षों से संत असंग साहब जी महाराज की शिक्षाओं पर आधारित सत्संग आयोजित किए जाते रहे हैं।
अब जब मुख्यमंत्री योगी ने इसे ‘कबीर धाम’ नाम दिया है, तो निस्संदेह यह स्थान उत्तर प्रदेश के धर्म पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान हासिल करेगा।

योगी सरकार की दिशा — संत संस्कृति से समाज का नव निर्माण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भूमि ऋषि-मुनियों और संतों की तपोभूमि रही है।
उनकी सरकार का प्रयास है कि ऐसी पवित्र स्थलों का विकास कर उन्हें राष्ट्र और विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर स्थापित किया जाए।

“कबीरदास जी के विचारों में ही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना छिपी है,” — सीएम योगी आदित्यनाथ।

Pilibhit जहां हर कदम कह रहा है मेरा भारत, मेरा गर्व — एक भारत, श्रेष्ठ भारत!

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