CM Yogi की अपील — यह दीवाली, स्वदेशी वाली
दीपावली पर CM Yogi का बड़ा संदेश: स्वदेशी अपनाओ, देसी कारीगरों की जिंदगी में रोशनी जलाओ
जब दीप जले तो सिर्फ घर नहीं, दिल भी रोशन हों…
दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, यह हमारे देश की आत्मा का उत्सव है।
जब चारों ओर रोशनी की लड़ी जगमगाती है, तो उस रोशनी के पीछे करोड़ों मेहनतकश हाथों की चमक होती है — मिट्टी के दीए गढ़ने वाले कुम्हार, झालर बुनने वाले शिल्पकार, और गांव के हाटों में अपने हुनर का सौदा करने वाले छोटे दुकानदार।
ऐसे ही हर उस चेहरे पर मुस्कान लौटाने का संदेश लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार प्रदेशवासियों से एक सशक्त अपील की है —
“इस दीपावली, स्वदेशी का संकल्प लें।”
CM योगी की अपील — स्वदेशी का दीप जलाइए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस दीपावली जब लोग बाजारों में खरीदारी करने जाएं, तो “स्वदेशी का संकल्प” लेकर निकलें।
उन्होंने प्रदेश के करोड़ों नागरिकों से आग्रह किया —
“देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता दें। चाहे दीये हों, मोमबत्तियाँ, झालर या पूजा सामग्री — हर चीज़ में ‘मेड इन इंडिया’ की चमक दिखनी चाहिए।”
यह अपील सिर्फ एक संदेश नहीं बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को दीपावली की रोशनी में बदल देने का आह्वान है।
कारीगरों की खुशियों की रोशनी — योगी मॉडल का सामाजिक संदेश
सीएम योगी का कहना है कि हर बार जब कोई व्यक्ति देशी दीया खरीदता है, तो वह केवल एक मिट्टी का दीप नहीं जलाता —
वह किसी गरीब कुम्हार के घर में उम्मीद का दीप प्रज्वलित करता है।
उत्तर प्रदेश के हजारों गांवों में ऐसे शिल्पकार हैं जिनकी दीपावली तभी जगमगाती है जब हम “विदेशी झालर” छोड़कर “देसी दीया” अपनाते हैं।
उनका यह संदेश ‘आर्थिक स्वदेशीकरण’ की दिशा में एक भावनात्मक अभियान बन गया है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका देश की प्रगति में जुड़ जाती है।
उपहारों में भी स्वदेशी — ओडीओपी बना आकर्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली उपहारों के लिए भी ODOP (One District One Product) योजना के अंतर्गत आने वाले स्थानीय उत्पादों को चुना जाए।
क्योंकि यह केवल उपहार नहीं, बल्कि “स्थानीय प्रतिभा के प्रति सम्मान” का प्रतीक होगा।
चाहे फिरोज़ाबाद का कांच हो, भदोही के कालीन हों, बनारस की साड़ियाँ हों या लखनऊ की चिकनकारी —
हर जिले की पहचान अपने उपहार में झलकनी चाहिए।
स्वदेशी का अर्थ — आत्मनिर्भर भारत की नींव
सीएम योगी का यह संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” अभियान से सीधे जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि “विदेशी वस्तुएँ क्षणिक चमक दे सकती हैं, लेकिन स्वदेशी वस्तुएँ हमारी मिट्टी की खुशबू लेकर आती हैं।”
यह सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का सामूहिक उत्सव है।
जनता में उत्साह — ‘इस बार दीया स्वदेशी होगा!’
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की अपील ट्रेंड करने लगी है।
लोगों ने #SwadeshiWaliDiwali और #ODOPGift जैसे हैशटैग के साथ पोस्ट शेयर किए हैं।
व्यापारिक संगठनों ने भी सीएम योगी की पहल का स्वागत किया है और “स्वदेशी बाजार” अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
“दीप सिर्फ दीवारों पर नहीं, दिलों में जलाइए”
मुख्यमंत्री ने अपनी अपील का समापन बेहद प्रेरक शब्दों में किया —
“जब आप दीया जलाएं, तो उसमें सिर्फ तेल न डालें, अपने स्वदेश प्रेम की भावना भी डालें।
आपकी एक छोटी सी खरीद किसी परिवार की दीपावली को जगमगा सकती है।”
उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि “इस दीपावली, स्वदेशी अपनाइए — देश की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और सम्मान की रक्षा कीजिए।”
रॉकेट पोस्टपरिवार की तरफ से खास सन्देश — “स्वदेशी ही सच्ची देशभक्ति है”
रॉकेट पोस्ट परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस प्रेरणादायक अपील का दिल से स्वागत करता है।
आज जब बाज़ारों में विदेशी ब्रांडों की चकाचौंध हमारे अपने हुनर को दबा रही है,
तब “स्वदेशी का संकल्प” केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा को पुनर्जीवित करने का अभियान है।
हम मानते हैं — दीपावली की असली रोशनी तभी है जब वह किसी देसी कारीगर के घर तक पहुँचे।
हर वह दीया, जो हमारी मिट्टी से बना है, केवल प्रकाश नहीं देता — वह देशभक्ति का प्रतीक बनकर जलता है।
रॉकेट पोस्ट सभी पाठकों से अपील करता है कि इस दीपावली पर “मेड इन इंडिया” उत्पादों को अपनाएँ,
स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करें, और उन मेहनतकश हाथों को सम्मान दें जो हमारे त्यौहारों को अर्थ देते हैं।
क्योंकि —
“जब हम स्वदेशी चुनते हैं, तो केवल सामान नहीं खरीदते — अपने देश की आत्मा को सम्मान देते हैं।”