Rajasthan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रचा कीर्तिमान, जानिए कैसे ?

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Cm Bhajanlal Sharma राजस्थान खाद्य सुरक्षा विस्तार अभियान

Cm Bhajanlal Sharma राजस्थान खाद्य सुरक्षा विस्तार अभियान

राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रचा कीर्तिमान, 69.50 लाख लोग खाद्य सुरक्षा से जुड़े

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में खाद्य सुरक्षा का ऐतिहासिक विस्तार

राजस्थान में सामाजिक न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक नई मिसाल कायम हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा से वंचित न रहे। इस दिशा में किए गए अभूतपूर्व प्रयासों से अब तक 69.50 लाख से अधिक नए पात्र लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत लाभ प्राप्त हुआ है।

सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ी उपलब्धि

राज्य में एनएफएसए के तहत जनसंख्या के अनुपात में 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीमा निर्धारित थी, जिससे नए पात्र परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने यह बाधा दूर करते हुए पात्र लाभार्थियों के लिए अवसर खोले। इसके तहत अपात्र लोगों को सूची से हटाने और पात्र परिवारों को जोड़ने की व्यापक प्रक्रिया अपनाई गई।

मुख्यमंत्री की पहल: खाद्य सुरक्षा पोर्टल का पुनः शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल को दोबारा शुरू किया। इसके बाद से अब तक 69 लाख 50 हजार नए पात्र लाभार्थी जोड़े जा चुके हैं। यह राज्य के इतिहास में सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। इससे हजारों परिवारों को स्थायी खाद्य सुरक्षा और अन्य सामाजिक योजनाओं का लाभ मिला है।

‘गिव अप अभियान’ बना पारदर्शिता का प्रतीक

‘गिव अप अभियान’, जो 1 नवंबर 2024 से शुरू हुआ था, इस सफलता की रीढ़ बना। इस अभियान के तहत 41.95 लाख अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ दी। साथ ही, 27 लाख से अधिक व्यक्तियों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई, जिससे वे स्वतः सूची से बाहर हो गए। इससे नए पात्र लाभार्थियों के लिए स्थान बना और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश हुई।

आसान प्रक्रिया और पारदर्शी व्यवस्था

राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया है। अब जिला कलेक्टर को भी नए लाभार्थियों को जोड़ने का अधिकार दिया गया है। साथ ही नागरिक www.food.rajasthan.gov.in पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपना नाम हटवा या अपडेट कर सकते हैं। यह पारदर्शिता और जनसहभागिता का उदाहरण बन गया है।

बहु-आयामी लाभ एक ही पहल से

एनएफएसए में शामिल पात्र लाभार्थियों को न केवल प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं मिल रहा है, बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना, और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना जैसी सुविधाएं भी प्राप्त हो रही हैं। इससे गरीब वर्ग के जीवनस्तर में ठोस सुधार हुआ है।

‘सशक्त राजस्थान – समृद्ध राजस्थान’ की ओर कदम

मुख्यमंत्री Cm Bhajanlal Sharma की दूरदर्शी नीतियों और संवेदनशील नेतृत्व ने यह सिद्ध कर दिया है कि सुशासन के माध्यम से सामाजिक न्याय को साकार किया जा सकता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का यह विस्तार राज्य की प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता का प्रमाण है। यह कदम “आपणो अग्रणी राजस्थान” के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहा है।

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