Primary School Fight: बांदा के विद्यालय में मारपीट, छात्रा की दर्दनाक मौत
Primary School Fight:बांदा के प्राथमिक विद्यालय में मासूम छात्रा की मौत से मचा हड़कंप
स्कूल में बच्चों का झगड़ा और भयावह अंजाम
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के कमासिन थाना क्षेत्र के कुमेढासानी प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सामान्य-सा झगड़ा शुरू हुआ, लेकिन उसके बीच बचाव के लिए उतरी एक मासूम छात्रा की अचानक मौत हो गई। इस घटना ने न केवल विद्यालय परिसर को स्तब्ध कर दिया बल्कि पूरे इलाके में गहरा आक्रोश और शोक की लहर दौड़ा दी।
Primary School Fight:झगड़े के दौरान दबा दिया गया गला
जानकारी के अनुसार, कक्षा में मृतका के भाई का किसी अन्य छात्र से विवाद हो गया था। झगड़ा बढ़ते देख छात्रा बीच बचाव के लिए आगे आई। तभी एक छात्र ने उसका गला दबा दिया। वह तुरंत बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ी।
शिक्षक पर लापरवाही का आरोप
कक्षा में मौजूद अन्य छात्रों ने आरोप लगाया कि उस समय शिक्षक कक्षा में बच्चों पर ध्यान देने के बजाय बाहर बैठकर मोबाइल चला रहे थे। इसी लापरवाही के कारण झगड़ा बढ़ गया और किसी ने समय रहते बीच बचाव नहीं किया। छात्रों का कहना है कि अगर शिक्षक तत्पर रहते, तो यह हादसा टल सकता था।
Primary School Fight:अस्पताल ले जाते ही हुई मौत
बेहोश हुई छात्रा को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
Primary School Fight:पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज सिंह ने बताया कि घटना गंभीर है और मामले की जांच की जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
एक छात्र ने कहा, “हम कक्षा में थे, तभी झगड़ा हुआ। सबकुछ अचानक हुआ और हमारी सहपाठी बेहोश होकर गिर पड़ी। हम डर गए थे, शिक्षक वहीं बाहर बैठे मोबाइल चला रहे थे।”
एक छात्रा ने कहा, “मैंने भी देखा कि वह बचाने आई थी, लेकिन गला दबा देने से वह गिर गई। हम सब हैरान और डरे हुए थे।”
मृतका की माँ ने रोते हुए कहा, “मेरी बेटी तो सिर्फ पढ़ने जाती थी, कभी नहीं सोचा था कि वह मुझे इस तरह छोड़ जाएगी। यह स्कूल की लापरवाही है।”
सवालों के घेरे में स्कूल व्यवस्था
यह घटना शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि शिक्षक और प्रबंधन सतर्क रहते, तो एक मासूम की जान न जाती। माता-पिता अपने बच्चों को ज्ञान प्राप्त करने के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन जब वही स्थान असुरक्षा और लापरवाही का अड्डा बन जाए, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
कुमेढासानी प्राथमिक विद्यालय की यह त्रासदी इस बात का सबक है कि विद्यालय परिसर में अनुशासन और निगरानी की कमी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। यह घटना केवल एक परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए पीड़ा और गुस्से का कारण बनी है। अब प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह न केवल इस मामले की गहन जांच करे बल्कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम भी उठाए।
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