मशहूर 2 बॉलीवुड एक्टरों सहित 22 पर मुकदमा, 5 करोड़ की ठगी का खुलासा | Shreyas Talpade Alok Nath Scam
Shreyas Talpade Alok Nath Scam: बागपत में बॉलीवुड एक्टरों पर ठगी का बड़ा मामला, 5 करोड़ की ठगी का खुलासा
बागपत जिले में निवेशकों की विश्वसनीयता के साथ बड़ा छल हुआ है। द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी में निवेश के नाम पर सैकड़ों लोगों से लगभग 5 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले में सोसाइटी के ब्रांड एंबेसडर बॉलीवुड एक्टर श्रेयस तलपड़े और आलोकनाथ समेत कुल 22 लोगों के खिलाफ कोतवाली बागपत में मुकदमा दर्ज किया गया है।
धोखाधड़ी का modus operandi
जानकारी के अनुसार, सोसाइटी ने निवेशकों से रकम दोगुनी करने का वादा किया और इसके लालच में कई लोग इसमें फंसे।
कंपनी के एमडी समीर अग्रवाल और पीए अग्रवाल सहित 18 एजेंटों के नाम भी इस ठगी के मामले में शामिल हैं।
कंपनी के ब्रांड एंबेसडर के रूप में बॉलीवुड कलाकार श्रेयस तलपड़े और आलोकनाथ का नाम सामने आया है, जिन्होंने सोसाइटी का प्रचार किया।
शिकायतकर्ता का बयान
मुकदमा बबली नामक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया। बबली ने कहा कि उसने निवेश किया और उसका पैसा डबल करने का वादा किया गया था, लेकिन अब उसे उसकी रकम वापस नहीं मिली।
शिकायत पर पुलिस ने अवैध तरीके से निवेश लेने और लोगों को ठगी करने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस की जांच
कोतवाली बागपत पुलिस ने बताया कि मामला गंभीर है और सभी 22 आरोपियों के खिलाफ गहन जांच की जा रही है।
पुलिस ने कहा:
“सोसाइटी ने निवेशकों को धोखे में डालकर उनकी राशि हड़पने की कोशिश की। हम जांच कर रहे हैं कि इसमें कौन-कौन सी संस्थागत और व्यक्तिगत लापरवाहियां या अपराध शामिल हैं। सभी आरोपियों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।”
गंभीर सामाजिक और वित्तीय चेतावनी
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में निवेशक हमेशा सावधानी बरतें और अनाधिकृत या संदिग्ध संस्थाओं में निवेश से बचें।
साथ ही यह मामला बॉलीवुड और निवेशकों के बीच ब्रांड एंबेसडर की भूमिका पर भी सवाल खड़ा करता है।
बागपत का यह मामला न सिर्फ ठगी और धोखाधड़ी का है, बल्कि यह दिखाता है कि विश्वास और ब्रांड की ताकत का गलत इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की ठगी कैसे की जा सकती है।
पुलिस की जांच और भविष्य की कार्रवाई इस बात का संकेत देंगी कि भारत में निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए कानून कितनी प्रभावी है।