बांदा: धाकड़ डीएम के तेवर देख अधिकारियों और माफियाओं के छूटे पसीने

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में जब से नवागंतुक जिलाधिकारी जे रीभा ने चार्ज संभाला है तब से जिले के अधिकारियों और माफियाओं के माथे से पसीना टपकना बंद नही हो रहा है। आईएएस जे रीभा की जिलाधिकारी के तौर पर बांदा में पहली पोस्टिंग है। जे रीभा 2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। इनके बारे में कहा जाता है की यह बेहद ईमानदार अधिकारी है वहीं इनके पति भी ईमानदार जिलाधिकारी है जानकारी के अनुसार लोगों का कहना है की इनके पति की जहां पोस्टिंग होती है वहां के भ्रष्ट अधिकारी अपना ट्रांसफर करा कर भाग जाते हैं।

ऐसे ही तेवर जिलाधिकारी जे रीभा के भी देखने को मिल रहे है जो की चार्ज सम्हालने के दिन ही अधिकारियों ने भांप लिया था। जे रीभा ने चार्ज सम्हालने के बाद अधिकारियों की मीटिंग ली और जो समय से नही पहुंचा उन्हें डीएम ने मीटिंग हाल के बाहर ही खड़ा कर दिया था और जब तक मीटिंग चली तब तक देरी से पहुंचने वाले अधिकारीयों और कर्मचारियों बाहर ही खड़ा रखा इतना ही नहीं जिलाधिकारी जे रीभा अचानक जिला अस्पताल के हालात देखने पहुंच गई और मरीजों से व्यवस्थाओं के हाल जाने कमी मिलने पर जिम्मेदारों को जमकर फटकार लगाई जिसका वीडियो भी वायरल हुआ इतना ही नहीं बीते दिन जिलाधिकारी केन नदी में सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे तटबंध का कार्य देखने पहुंच गई जहां कमी पाए जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाई और गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के निर्देस दिए। डीएम के यह तेवर देख जिले के आला अधिनस्तो की सांसे फूल रहीं हैं उन्हें यह डर है की कहीं अगला नंबर उन्ही का न लग जाए। वहीं माफियाओं के भी पसीने छूट रहे है जो खुले तौर पर सेटिंग कर मनमानी कर रहे थे अब उनका क्या होगा रात दिन यही डर उन्हें सता रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि डीएम के तेवर आगे भी ऐसे ही सख्त रहेंगे या समय के साथ नर्म पड़ जाएंगे जैसे अन्य जिलाधिकारी चार्ज सम्हालते ही तेवर दिखाते है लेकिन कुछ समय बाद नर्म पड़ जाते है और सब राम भरोसे हो जाता है।